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अकडन जकड़न गिल्ली गिल्ली छू | Hindi Story of Women Life

Heart Touching Story of Women

Hindi Story of Women Life
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Hindi Story of Women Life में पढ़ें

भारतीय महिला के लिए अकड़न जकड़न जैसे शब्द में  कुछ नया नहीं है। एक उम्र का पड़ाव पार करते ही  औरतों में  विटामिन,  कैल्शियम,  प्रोटीन  इन सभी की कमी होना लाजमी है। लड़कियां बचपन में अपनी मां के घर जितना खा सकती हैं उतना खा लेती हैं,  शादी होने के बाद घर की जिम्मेदारियों के चलते ना चाहते हुए भी उनके खानपान में कुछ ऐसे बदलाव आ जाते हैं जिन्हें वह देखकर भी अनदेखा  करती जाती हैं।

शादी होकर जब लड़की घर आती है और वह अगर जॉइंट फैमिली में है तो सारा दिन परिवार के कामों में उसे अपने खानपान का ध्यान रखने का समय ही नहीं मिलता,  और यदि वह न्यूक्लियर फैमिली में है और साथ में वर्किंग भी तो समझिए सोने पर सुहागा हो गया है।भागदौड़ भरी जीवनशैली में  अक्सर सुबह घर का सारा काम निपटाते निपटाते जब नजर घड़ी की सुई पर जाती है,  तो उस समय उससे ज्यादा बेरहम कोई नजर नहीं आता।उस समय वह घड़ी किसी जल्लाद से कम नहीं लगती जिसने 5:00 बजे उठने के बावजूद मुंह में एक निवाला डालने का भी समय नहीं दिया।ऐसे में तुरंत पर्स उठा कर भागना और हाथ में चलते चलते एक एप्पल जब ब्रेड का टुकड़ा लेना अपनी सेहत पर एहसान करने के समान माना जाता है।

पूरा दिन ऑफिस में काम करने के बाद जब लंच टाइम मिलता है तो या तो  बच्चों को फोन करने में इतना समय निकल जाता है कि लंच को जानवरों की तरह गटकने के अलावा और कोई चारा ही नहीं बचता,  या फिर सहेलियों को अपनी दुख भरी दास्तान सुनाने में इतना समय निकल जाता है कि  उसके आगे खाने की कोई कीमत ही नहीं बचती।

फाइनली जब आप शाम को घर पहुंचती हैं तो शरीर में हो रही अकड़न जकड़न के बावजूद आप को बच्चों और पति को उनका निर्धारित समय देना होता है और साथ ही साथ घर का खाना बनाना होता है ऐसे में रात का खाना आपके लिए थकावट से भरी नींद से ज्यादा इंपॉर्टेंट नहीं होता।

ऐसे में कई बार मन में ऐसा आता है कि जिस तरह हम अपने बच्चों को खाना खिलाते हैं और कई हथकंडे अपना कर गिली गिली छू करते हुए उन्हें हंसाते हैं,  तो क्या कुछ ऐसा हो सकता है कि  इस अकड़न जकड़न को भी हम गिली गिली छू कर के उड़ा दें।

जिस घर में छोटे बच्चे होते हैं उन घरों में माताओं को चाहे वह वर्किंग हो या हाउसवाइफ अकड़न जकड़न जैसे शब्दों को दिमाग में लाने तक का समय नहीं मिलता।छोटे बच्चे माताओं को इतनी तरह के आसन करवा देते हैं कि उनका फिट होना लाजमी है।

योग में जिस तरीके से कई तरह के आसन होते हैं,  बच्चे हमें कुछ ऐसे आसन करने पर मजबूर कर देते हैं जिनके बारे में जब हम बाद में बैठकर सोचते हैं तो हमें बहुत हंसी आती है। इनमें से पहला आसन है निद्रासन- जी हां यह एक ऐसा  आसन है,  जिसमें जाने के लिए आप उत्सुक जरूर रहती होंगी पर जब भी आपको लगता होगा कि 5 मिनट की power nap  ले ली जाए तभी बच्चे आपके ऊपर इस तरीके से उछल कूद करते हैं जैसे बंदर पेड़ की टहनी पर,  तो आ गई ना हंसी चेहरे पर,  बस यहीं से शुरुआत होती है अकड़न जकड़न गिली गिली छू……

जब आप दिन में सोए ही नहीं,  तो आप उस समय कोई ना कोई काम में खुद को व्यस्त कर लेंगे और ऐसे में आपके शरीर में ऊर्जा का विकास होगा और आप एक्टिव रहेंगे।

अब बढ़ते हैं दूसरे आसन की ओर,  शवासन-  यह सुन सुनकर आपको पहले से ही हंसी आ गई होगी,  इस आसन के लिए हर मां मुरादे मांगती होगी,  पर जब तक आपका बच्चा बड़ा नहीं हो जाता,  शवासन तो शायद आपको रात को भी नहीं करने को मिलता होगा।तो लीजिए एक और तरीके से आपके बच्चे ने आप को एक्टिव बना दिया और आपके जीवन में दर्द के लिए गिली गिली छू का मंत्र फूंक दिया।

तीसरा आसान है ताड़ासन- इस आसन से हर कोई वाकिफ है,  ताड़ासन में हमें अपने शरीर को अच्छे से स्ट्रेच करना होता है बिल्कुल एक लंबे पेड़ की तरह,  इसमें कुछ बताने वाली बात ही नहीं है अलमारी के ऊपर वाले खाने में 10 बार अपने बच्चों से खिलौने छुपाना और जिद करने पर फिर वही खिलौने उन्हें उतार कर देना किसी प्रकार के ताड़ासन से कम नहीं हैं।

तो आज ही अपनी जीवनशैली में और लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव लाइए,  आप चाहे वर्किंग वुमन है या हाउसवाइफ  अपने घर की आप ही एक मजबूत स्तंभ हैं।

जिन माताओं के बच्चे अभी छोटे हैं वह आज ही अपने बच्चों के आगे दंडवत नमन कीजिए कि उनकी वजह से आप निशुल्क इतने आसनों का लाभ ले पा रही हैं और उन्हें धन्यवाद कीजिए कि उन्होंने आपकी अकड़न जकड़न को गिली गिली छू कर दिया है।यकीन मानिए यह दंडवत नमन वाला आसन आपके चेहरे पर और आपके बच्चे के चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान छोड़ देगा।

अपने बच्चों के लिए ये ज़रूर सुनें https://www.youtube.com/watch?v=CSSmZoGeVjg&t=6s

Written by Geetanjli Dua